Sunday, November 8, 2009
Thursday, November 5, 2009
Colors in fall season
मार्च में जब हम अमेरिका आये तो पेड़ों पर एक भी पत्तियाँ नहीं थीं. देखते ही देखते नन्हीं-नन्हीं कोंपलें शाखाओं पर फूटीं और पूरा देश हरा-भरा हो गया. सडकों के दोनों ओर लगे पेड़ इतने हरे और घने हो गए कि उनके पार देखना भी मुश्किल हो गया.
हरे रंग में इतनी विविधता...! पहली बार मैंने प्रकृति का इतना विस्तृत फ़लक इतने नज़दीक से देखा... और पहली बार ही हरे रंग में इतनी विविधता देख कर मैं हैरान रह गयी.
धीरे-धीरे चारों ओर रंग-बिरंगे फूल ही फूल दिखने लगे. कही खाली जमीन नहीं...! हर जगह हरे घास की चादर...! चारों ओर ऊँचे-ऊँचे हरे पेड़...! जगह-जगह फूलों की रंग-बिरंगी क्यारियाँ...! इतनी हरियाली और इतनी सुन्दरता अमेरिका में व्याप्त होगी...इसकी तो मैंने कल्पना भी नहीं की थी...! छह महीने बाद अक्टूबर में पेड़ों की पत्तियों का रंग बदलने लगा. कुछ पेड़ पीले, कुछ लाल, नारंगी या कत्थई हो गए. कुछ पेड़ हरे ही हैं. मुझे ऐसा लगने लगा जैसे मैं परियों के किसी जादुई शहर में आ गयी हूँ. ऊपर से हेलोईन ने बाकी कसर भी पूरी कर दी.
सभी खूबसूरत और यादगार क्षणों को हमने अपने कैमरे में कैद कर लिया है. उनमें से कुछ पल मैं सबके साथ मिल कर जीना चाहती हूँ...! हमारी आँखों ने यहाँ बिखरे जो रंग देखे हैं उन्हें मैं हर जगह बिखेर देना चाहती हूँ.. .!! इन रंगों को देख कर जो ख़ुशी हमको मिली वही ख़ुशी मैं सबमें भर देना चाहती हूँ...!!!
Wednesday, October 14, 2009
Friday, August 21, 2009
Wednesday, August 12, 2009
Saturday, August 8, 2009
Friday, July 24, 2009
Thursday, July 23, 2009
प्रकृति के विभिन्न रंग
essence of nature दिवा के बाद मेरा दूसरा ब्लॉग है। इसमें मैंने प्रकृति को अपनी दृष्टिसे देखने का और उसे एक अपने आस-पास के मित्रों को दिखाने का, एक छोटा-सा प्रयास किया है। मेरे गूगल के मित्र यदि मेरे इस दुस्साहस को अपना सकें और मुझे प्रकृति को और समझ सकने में प्रोत्साहित कर सकें तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा।
एस्सेंस ऑफ़ नेचर प्रकृति के जड़ और चेतन -दोनों स्वरूपों के सुंदर और असुंदर रंगों का समन्वय है। प्रकृति जड़ और चेतन का एक विशद आगार है जिसे ईश्वर ने अपने हाथों से रचा है। इसमें जड़-चेतन, सुंदर-असुंदर, सृजनात्मक और विद्ध्वंसत्मक समस्त शक्तियाँ एवं स्वरूप समाहित हैं।
अनादि काल से बड़े-बड़े ऋषि-मुनि, विचारक, शास्त्रकार और वैज्ञानिक प्रकृति के जड़-चेतन स्वरूप को देखने, समझने और जानने के लिए तरह-तरह के प्रयास में रत हैं । आज भी प्रकृति की अनंत रहस्यमयी गुत्थियाँ मानव को अपनी ओर सम्पूर्ण शक्ति के साथ आकृष्ट करती रहती हैं। मनुष्य की जिज्ञासु प्रवृत्ति उसे सदैव और जानने के लिए प्रेरित करती रहती है।
मैं भी अपने आप को -प्रकृति को ,समझने का एक छोटा-सा प्रयास करना चाहती हूँ। थोड़े -से शब्दों और नाममात्र के चित्रों के साथ , गूगल के ब्लॉग को माध्यम बना कर , मैं आपके साथ प्रकृति के विविध रंगों को देखना और अपनी नजर से आपको दिखाना चाहती हूँ।
एस्सेंस ऑफ़ नेचर प्रकृति के जड़ और चेतन -दोनों स्वरूपों के सुंदर और असुंदर रंगों का समन्वय है। प्रकृति जड़ और चेतन का एक विशद आगार है जिसे ईश्वर ने अपने हाथों से रचा है। इसमें जड़-चेतन, सुंदर-असुंदर, सृजनात्मक और विद्ध्वंसत्मक समस्त शक्तियाँ एवं स्वरूप समाहित हैं।
अनादि काल से बड़े-बड़े ऋषि-मुनि, विचारक, शास्त्रकार और वैज्ञानिक प्रकृति के जड़-चेतन स्वरूप को देखने, समझने और जानने के लिए तरह-तरह के प्रयास में रत हैं । आज भी प्रकृति की अनंत रहस्यमयी गुत्थियाँ मानव को अपनी ओर सम्पूर्ण शक्ति के साथ आकृष्ट करती रहती हैं। मनुष्य की जिज्ञासु प्रवृत्ति उसे सदैव और जानने के लिए प्रेरित करती रहती है।
मैं भी अपने आप को -प्रकृति को ,समझने का एक छोटा-सा प्रयास करना चाहती हूँ। थोड़े -से शब्दों और नाममात्र के चित्रों के साथ , गूगल के ब्लॉग को माध्यम बना कर , मैं आपके साथ प्रकृति के विविध रंगों को देखना और अपनी नजर से आपको दिखाना चाहती हूँ।
Thursday, July 2, 2009
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