Thursday, November 5, 2009

Colors in fall season




मार्च  में जब हम अमेरिका आये तो पेड़ों पर एक भी पत्तियाँ नहीं थीं.  देखते ही देखते नन्हीं-नन्हीं कोंपलें शाखाओं पर फूटीं और पूरा देश हरा-भरा हो गया. सडकों  के दोनों ओर लगे पेड़ इतने हरे और घने हो गए कि उनके पार देखना भी मुश्किल हो गया.
हरे रंग में इतनी विविधता...! पहली बार मैंने प्रकृति का इतना विस्तृत फ़लक इतने नज़दीक से देखा... और पहली बार ही हरे रंग में  इतनी विविधता देख कर मैं  हैरान रह गयी. 
धीरे-धीरे चारों ओर रंग-बिरंगे फूल ही फूल  दिखने लगे. कही खाली जमीन नहीं...! हर जगह हरे घास की चादर...! चारों ओर ऊँचे-ऊँचे हरे पेड़...! जगह-जगह फूलों की रंग-बिरंगी क्यारियाँ...! इतनी हरियाली और इतनी सुन्दरता अमेरिका में व्याप्त होगी...इसकी तो मैंने कल्पना भी नहीं की थी...! छह महीने बाद अक्टूबर  में पेड़ों की पत्तियों का रंग बदलने लगा. कुछ पेड़ पीले, कुछ लाल, नारंगी या कत्थई हो गए. कुछ पेड़ हरे ही हैं. मुझे ऐसा लगने लगा जैसे मैं परियों  के किसी जादुई शहर में आ गयी हूँ.  ऊपर से हेलोईन ने बाकी कसर भी पूरी कर दी. 
सभी  खूबसूरत और यादगार  क्षणों  को हमने अपने कैमरे में कैद कर लिया है.  उनमें से कुछ पल मैं सबके साथ मिल कर जीना चाहती हूँ...!  हमारी आँखों ने यहाँ बिखरे जो रंग देखे हैं उन्हें मैं हर जगह बिखेर देना चाहती हूँ.. .!! इन रंगों को देख कर जो ख़ुशी हमको मिली वही  ख़ुशी मैं सबमें भर देना चाहती हूँ...!!!

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